एशिया कप 2025: भारतीय टीम की घोषणा, शुभमन गिल उपकप्तान बने, लेकिन जायसवाल और अय्यर टीम में नहीं
कल, जब एशिया कप 2025 के लिए भारतीय टीम की घोषणा हुई, तो मेरे अंदर एक ही सवाल चल रहा था, “क्या वही पुराने चेहरे दिखेंगे, या कुछ नया देखने को मिलेगा?”
घोषणा हुई, और टीम सामने आई। पहली नज़र में, यह एक ऐसी टीम लगी जो युवा जोश और अनुभवी खिलाड़ियों के बेहतरीन मिश्रण से बनी है। हर नाम के पीछे एक कहानी है, एक संघर्ष है, और एक सपना है। और यही तो क्रिकेट को इतना खास बनाता है।
कप्तान से नई उम्मीदें
टीम की कप्तानी की बागडोर सूर्यकुमार यादव को सौंपी गई है। सूर्यकुमार, जिसे हम प्यार से “स्काई” कहते हैं, अपनी 360 डिग्री बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। उनकी कप्तानी में, मुझे एक नई ऊर्जा और निडरता देखने को मिलती है। वह मैदान पर हमेशा रचनात्मक और साहसी फैसले लेते हैं। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने काफ़ी शानदार प्रदर्शन किया है और मुझे उम्मीद है कि वह टीम को अपनी कप्तानी में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
उपकप्तान शुभमन गिल: भविष्य का चेहरा
शुभमन गिल को उपकप्तान बनाया गया है। यह फैसला भविष्य को देखते हुए लिया गया है। गिल ने पिछले कुछ समय से लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी बल्लेबाजी में एक परिपक्वता और क्लास दिखती है। मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही अच्छा कदम है, जो गिल को टीम की लीडरशिप के लिए तैयार करेगा।
कुछ पुराने, कुछ नए चेहरे
टीम में कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया है, जिन्होंने आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी है। अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ियों का चयन देखकर दिल खुश हो गया। अभिषेक और तिलक ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और आत्मविश्वास से सभी को प्रभावित किया है। वहीं, रिंकू सिंह, जिन्हें हम ‘फिनिशर’ के नाम से जानते हैं, ने मुश्किल परिस्थितियों में भी टीम को जीत दिलाई है। इन युवाओं को देखकर लगता है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।
दूसरी ओर, हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे जैसे ऑलराउंडर टीम को एक बेहतरीन संतुलन प्रदान करते हैं। हार्दिक की तेज़ गेंदबाज़ी और दमदार हिटिंग की क्षमता उन्हें एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाती है। शिवम दुबे ने भी हाल ही में अपनी शानदार फॉर्म दिखाई है, जिससे वह टीम के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बन गए हैं।
गेंदबाज़ी में, जसप्रीत बुमराह की वापसी एक बड़ी राहत है। उनकी यॉर्कर और सटीक लेंथ विरोधी टीम के बल्लेबाज़ों के लिए सिरदर्द बन जाती है। उनका साथ देने के लिए अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे युवा तेज़ गेंदबाज़ भी हैं, जिन्होंने अपनी तेज़ गति और विविधता से प्रभावित किया है। स्पिन विभाग में, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल की तिकड़ी टीम को मज़बूती देती है।
कुछ फैसले जो दिल को दुखा गए
एक क्रिकेट प्रेमी के तौर पर, कुछ फैसले ऐसे भी होते हैं जो दिल को चुभते हैं। यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर का मुख्य टीम में न होना थोड़ा निराशाजनक है। जायसवाल ने हाल ही में शानदार प्रदर्शन किया था, और श्रेयस अय्यर तो भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर की रीढ़ की हड्डी रहे हैं। उनका बाहर होना मुझे थोड़ा अजीब लगा।
लेकिन, चयनकर्ताओं ने प्रसिद्ध कृष्णा, वॉशिंगटन सुंदर, रियान पराग और ध्रुव जुरेल के साथ यशस्वी जायसवाल को स्टैंडबाय खिलाड़ियों की सूची में रखा गया है। यह दिखाता है कि चयनकर्ता हर स्थिति के लिए तैयार हैं और भविष्य के लिए भी सोच रहे हैं।
आने वाले मैचों की उम्मीदें
एशिया कप एक ऐसा टूर्नामेंट है जो टी20 विश्व कप से पहले टीम के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा होगा। मुझे उम्मीद है कि यह टीम एकजुट होकर खेलेगी और अपने प्रशंसकों को निराश नहीं करेगी। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में, मुझे लगता है कि टीम एक आक्रामक और निडर क्रिकेट खेलेगी।
यह टीम युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का एक बेहतरीन मिश्रण है। इसमें जोश भी है और अनुभव भी। अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा जैसे युवाओं के लिए यह एक बड़ा मौका है, वहीं बुमराह और हार्दिक जैसे अनुभवी खिलाड़ी इन युवाओं को मार्गदर्शन देंगे। अंत में, मैं यही कहना चाहूंगा यह टीम एशिया कप में ज़रूर अच्छा प्रदर्शन करेगी और हमें एक बार फिर से जीत का जश्न मनाने का मौका देगी।